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कॉलम और बीम: भूकंप-रोधी ढाँचा कैसे बनाएँ

कॉलम और बीम घर का ढाँचा हैं। दरभंगा भूकंप ज़ोन V में है, इसलिए यहाँ सरिया की क्वालिटी और रिंग (स्टिरप) बाँधने का तरीका सबसे अहम है।

काम कैसे करें

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    भूकंप-रोधी D ग्रेड सरिया (Fe500D / Fe550D) ही लें — यह मुड़ता है पर टूटता नहीं।

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    रिंग (स्टिरप) के सिरे 135° पर मोड़ें, 90° पर नहीं — भूकंप में 90° हुक खुल जाते हैं।

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    कॉलम-बीम के जोड़ और कॉलम के ऊपर-नीचे के हिस्से में रिंग पास-पास (ड्राइंग के अनुसार) बाँधें।

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    कॉलम में 40 mm और बीम में 25 mm कवर रखें (ड्राइंग देखें) — कवर ब्लॉक से।

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    सरिया का जोड़ (lap) एक ही जगह पर सारे न रखें और लैप की लंबाई ड्राइंग के अनुसार रखें।

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    M20 ढलाई करें, वाइब्रेटर से भरें ताकि हनीकॉम्ब (खोखलापन) न रहे, और कम से कम 7–10 दिन तराई करें।

इस स्टेज में क्या मटेरियल लगेगा

ये गलतियाँ न करें

  • रिंग के हुक 90° पर मोड़ना।
  • कवर ब्लॉक की जगह ईंट के टुकड़े या पत्थर लगाना।
  • ढलाई में ज़्यादा पानी डालकर मसाला पतला करना — मज़बूती बहुत घट जाती है।

सवाल-जवाब

भूकंप ज़ोन में कौन सा सरिया लें?

Fe500D या Fe550D जैसे D ग्रेड TMT सरिया, किसी भरोसेमंद ब्रांड (जैसे TATA Tiscon) का। D ग्रेड ज़्यादा लचीला होता है।

स्टिरप (रिंग) का हुक 135 डिग्री क्यों?

135° हुक कंक्रीट में अंदर तक फँसा रहता है और भूकंप के झटके में नहीं खुलता। 90° हुक खुलकर कॉलम को कमज़ोर कर देता है।

यह गाइड आम जानकारी के लिए है। सरिया की साइज़, कॉलम-बीम और नींव की गहराई हमेशा अपने इंजीनियर की ड्राइंग के अनुसार ही रखें। — Gopal Kumar Singh, Singh Traders, लहेरियासराय (since 2007)